उपनिवेश काल में महिलाओं की स्थिति और उनके जीवन शैली का उल्लेख करें

भूमिका  –

18 शताब्दी में भारतीय समाज में नारियों की अवस्था सोचनीय थी उन्हें पुरुषों की अपेक्षा नियम समझा जाता था उनकी शिक्षा की ओर ध्यान भी नहीं दिया जाता था तथा उन्हें प्रायः घर के चारदीवारी में बंद ही रखा जाता था पर्दा प्रथा के कारण इनकी शारीरिक व मानसिक विकास ना हो सका। इस समय लड़कियों का विवाह छोटी आयु में ही कर दिया जाता था हिंदू समाज में सती प्रथा प्रचलित थी सती होते ही उन्हें बहुत ही अपमानजनक दृष्टि से देखा जाता था

बाल विवाह की परंपरा =

 महिलाओं की सबसे अधिक अशिक्षित होने के पीछे बाल विवाह की परंपरा का बहुत बड़ा योगदान देती है उस समय महिलाओं का विवाह 10 से 12 वर्ष की अवस्था में कर दी जाती थी जिसके कारण महिलाएं अपनी उन्नति के बारे में उन्हें सोचने का मौका तक नहीं मिलता था स्त्रियों को बहुत ही छोटी उम्र में गृहस्थ जीवन में धकेल दिया जाता था तथा वह पति, माता और बहू बनकर एक चारदीवारी में ही रह जाती थी। परिवार के जिम्मेदारियों के बोझ तले दबकर उनकी सारी आकांक्षा, अरमान और सारे सपने चकनाचूर और दम तोड़ दिया करते थे।

विवाह प्रथा में व्याप्त बुराइयां =

 इन प्रथाओं में विधवा विवाह को पुनर विवाह पर रोक था तथा इस समय समाज में दहेज प्रथा के कारण महिलाओं के स्थिति और भी सोचनीय हो गई थी कन्यादान की वैवाहिक व्यवस्था में महिलाओं की सामाजिक स्थिति की गिरावट में अपना योगदान दिया प्रारंभ में जो विवाह होता था उसमें कन्या का पिता कन्या के लिए योग्य वर सुनकर उसकी शादी कर लेता था और कन्या का पिता वस्त्र और आभूषणों के साथ अपनी पुत्री को वर्क हाथों सौंप देता था लेकिन धीरे-धीरे जब स्त्री की समाज में स्थिति निम्न होने लगे तो उसे भोग की वस्तु बना दिया गया जिससे उसकी स्थिति पहले की अपेक्षा और धीरे-धीरे निम्न होते चली गई !

संयुक्त परिवार व्यवस्था =

 संयुक्त परिवार व्यवस्था में स्त्रियों की दशा को निम्न बनाने में अपना योगदान दिया पुरुष प्रधान समाज में संयुक्त परिवार की व्यवस्था में परिवार का मुख्या पुरुष ही होता था और इस समय स्त्रियों को और असक्षम और बेबस समझा जाता था इस समय महिलाओं को परिवार के किसी भी मामले में बोलने का अधिकार नहीं था पुरुष प्रधान समाज होने के कारण सारे नियम कानून और फैसले पुरुष के हाथों ही होते थे इस समय महिलाओं की स्थिति इतनी खराब थी कि उन्हें बस घर का सारा काम काज है देखने का और संभालने का अधिकार था।

विदेशी आक्रमण और आतंक का भय =

भारत पर मुस्लिम आक्रमणकारियों ने अनेक बार आक्रमण किया और इसे लूटा और अंधता अपना राज्य स्थापित किया भारत में मुस्लिम राज्य में आक्रमण वा स्थापना का सबसे ज्यादा प्रभाव महिलाओं की दशा पर पड़ा मुस्लिमों के हिंदू महिलाओं पर अधिकार करने या उनसे जबरन विवाह कर लेने का डर होता था जिसके चलते महिलाओं का बाल विवाह छोटी उम्र में ही कर दिया जाता था इस समय महिलाओं को परदे में रहना बहुत ही अनिवार्य कर दिया गया था

निष्कर्ष= 

उपरोक्त तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि समाज में स्त्रियों के निम्न स्थिति के लिए एक नहीं बल्कि ऐसे बहुत से कारण थे जैसे कि बाल विवाह पुनर विवाह पर रोक दहेज प्रथा इत्यादि सामाजिक स्थिति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देती थी इस समय लोगों ने महिलाओं की शिक्षा पर रोक लगा दिया जिसके चलते स्त्रियों की स्थिति और भी खराब होती चली गई | स्त्री शिक्षा के अभाव में अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होते हुए भी उसे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था|

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