शेरशाह कौन था

शेरशाह का पहला नाम फरीद खान था वह सूर्य जाति के एक अफगान हसन खान सूर्य का पुत्र और इब्राहिम सुर का पोता था फरीद का जन्म 1472 ई. में दिल्ली के निकट हिसार फिरोज में हुआ था कुछ समय बाद सर खाने बिहार के सूबेदार जमाल खां की नौकरी कर ली और अपने स्वामी की बड़ी लगन के साथ सेवा कर सासाराम खवासपुर और ठंडा के पर गाने का जागीरदार प्राप्त कर ली सासाराम में वह अपना बचपन बिताया किंतु उसका बाल्यकाल सुखद में नहीं था अपनी सौतेली मां के दुर्व्यवहार और अपने पिता की अपेक्षा से तंग आकर 22 साल की अवस्था में 1494 इसी में लगभग सासाराम छोड़कर वह जौनपुर चला गया जौनपुर में उसने अरबी और फारसी भाषा का साधारण ज्ञान प्राप्त किया |

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